देहरादून
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर शिकायतकर्ता हनी सिंह पत्नी संदीप, निवासी देहरादून द्वारा निवेश के नाम पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपने साथ ₹69,90,000/- की ऑनलाइन धोखाधड़ी किये जाने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार फेसबुक पर Anand Rathi Shares And Stock Brokers Limited से संबंधित निवेश विज्ञापन के माध्यम से सम्पर्क कराकर व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया तथा अधिक लाभ का प्रलोभन देकर विभिन्न बैंक खातों में धनराशि जमा करायी गयी।
उक्त शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मु0अ0सं0 23/2026, धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 66(D) आईटी एक्ट के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। *प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, द्वारा 01 निरीक्षक, के नेतृत्व में टीम गठित कर तत्काल अभियोग का अनावरण हेतु दिशा-निर्देश निर्गत किये गये।* अभियोग की विवेचना के दौरान संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नम्बरों एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। विवेचना के दौरान साइबर धोखाधड़ी में प्रयुक्त बैंक खातों एवं उनसे लिंक मोबाइल नम्बरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। विवेचना में प्रकाश में आया कि कोटक बैंक के एक खाते में साइबर धोखाधड़ी से संबंधित ₹10 लाख की धनराशि प्राप्त हुई थी, उक्त खाते में का विशलेषण करने से प्रथम दृष्टया संदिग्धा परिलक्षित हुई। टीम द्वारा संबंधित बैंक से बैंक खाते एवं खाताधारक की जानकारी तथा मोबाइल नम्बर की तकनीकी जानकारी प्राप्त कर विश्लेषण किया गया। प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त के जनपद गौतमबुद्धनगर, उत्तर प्रदेश में होने का इनपुट प्राप्त हुआ।
टीम द्वारा स्थानीय पुलिस के सहयोग से संदिग्ध की तलाश की गयी। जांच में प्रकाश में आया कि अभियुक्त अपने मूल पते पर निवास न करते हुए HIG अपार्टमेंट, ओमीक्रॉन-1, ग्रेटर नोएडा में अपने परिवार के साथ रह रहा है। पुलिस टीम द्वारा मौके पर दबिश देकर अभियुक्त मुनिन्द्र भाटी पुत्र रविन्द्र भाटी निवासी ग्राम रौनी अस्तौली, नोएडा, उत्तर प्रदेश, हाल पता HIG अपार्टमेंट, ओमीक्रॉन-1, ग्रेटर नोएडा को गिरफ्तार किया गया।
*अपराध का तरीकाः*
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ ने जानकारी देते हुए बताया कि साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को निवेश के नाम पर अधिक लाभ का प्रलोभन देकर धोखाधड़ी की जा रही थी। धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता था। इसी क्रम में अभियुक्त मुनिन्द्र भाटी के कोटक बैंक खाते में ₹10 लाख की धनराशि प्राप्त हुई थी। पूछताछ में अभियुक्त द्वारा उक्त धनराशि के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दी गयी तथा प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के संबंध में भी जानकारी छिपाने का प्रयास किया गया। अभियुक्त के मोबाइल फोन एवं बैंक खाते से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। अभियुक्त के अन्य साथियों एवं साइबर ठगी के नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होने की संभावना है।
*अभियुक्त से बरामदगीः*
01 i-Phone-13 मोबाइल फोन
02 सिम
01 आधार कार्ड
01 कोटक बैंक का खाली चेक,
*अभियुक्त का नाम व पताः*
मुनिन्द्र भाटी पुत्र रविन्द्र भाटी मूल निवासी– ग्राम रौनी अस्तौली, नोएडा, उत्तर प्रदेश। हाल निवासी– HIG अपार्टमेंट, ब्लाक नं0 55, मकान नं0 101, ओमीक्रॉन-1, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश।
*एसटीएफ/साइबर टीमः*
निरीक्षक देवेन्द्र नवियाल, प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून
उ0नि0 मुकेश चन्द
हे0कानि0 दिनेश पालीवाल
कानि0 नितिन रमोला
एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। आमजन से अपील है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते, मोबाइल, OTP, बैंकिंग विवरण अथवा अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें। निवेश के नाम पर अधिक लाभ का लालच देने वाले संदिग्ध ऑफर से सावधान रहें। किसी भी प्रकार की वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, STF*

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