चमन लाल महाविद्यालय में विशाल प्रदर्शनी का आयोजन, प्रदर्शनी के माध्यम से छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाता है–नीतू गुप्ता

चमन लाल महाविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग द्वारा प्रति वर्ष की भांति इस बार भी एक विशाल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी के प्रथम दिन छात्राओं द्वारा बनाए गए विभिन्न प्रकार के उपयोगी सामान को प्रदर्शनी में रखा गया। जिसमें छात्राओं द्वारा बनाई गई टाई एंड डाई और प्रिंटिंग की बेडशीट, दुपट्टे ,मेजपोश और जैकेट्स, हैंड मेड पर्स, डॉल, सजावटी दिए, कुशन, सजावटी वॉल हैंगिंग और आसन आदि रखे गए थे। टाई एंड डाई के बेडशीट और दुपट्टे विशेष आकर्षण का केंद्र रहे और छात्राओं ने इनसे इनको सेल करके बहुत लाभ प्राप्त किया। बीएससी की छात्रा कुमारी प्राची के हाथ से बने पर्स के ऑर्डर भी बहुत से शिक्षिकाओं और छात्राओं द्वारा दिए गए। छात्राओं के द्वारा बनाए गए मफलर और मौजे भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। प्रदर्शनी का उद्घाटन महाविद्यालय की सचिव अरुण हरित , विश्वविद्यालय से आई भूत पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ एमएस रावत और महाविद्यालय के प्राचार्य सुशील उपाध्याय के द्वारा किया गया। महाविद्यालय के सचिव अरुण हरीश ने सभी छात्राओं को बधाई दी और उनके कार्य की प्रशंसा की।

डॉक्टर एम एस रावत ने कहा कि गृह विज्ञान विभाग में इस प्रकार के उत्कृष्ट कार्य को बढ़ावा दिया जाना चाहिए और वे बहुत प्रसन्न हुए यह देखकर कि किस प्रकार छात्राएं इस प्रदर्शनी के माध्यम से अपने स्वरोजगार को स्थापित करने का प्रशिक्षण ले रही हैं उन्होंने गृह विज्ञान विभाग के समस्त स्टाफ के कार्य की सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया। महाविद्यालय के प्राचार्य सुशील उपाध्याय ने कहा कि इस बार छात्राओं ने कुछ हटकर प्रयास किया है और उन्होंने कहा छात्राओं ने बहुत कम समय मे भी बहुत अच्छी तैयारी की है और आने वाले समय मे और भी अच्छा प्रयास करने के लिए छात्राओं को प्रोत्साहित किया। प्रबंध समिति के अध्यक्ष राम कुमार शर्मा ने कहा कि छात्राओं का कार्य बहुत सराहनीय है ।उन्होंने विभाग को बहुत बधाई दी।

प्रदर्शनी की आयोजनकर्ता डॉक्टर नीतू गुप्ता ने बताया कि हमारे इस प्रदर्शनी का उद्देश्य प्रतिवर्ष छात्राओं को यह बताना है कि किस प्रकार वे अपनी अंदर छुपी प्रतिभा को प्रदर्शनी के माध्यम से निखार सकते हैं और इस प्रदर्शनी के माध्यम से छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाता है ।कई छात्राएं जोकि बहुत अच्छे रचनात्मक कार्य जानती हैं परंतु अपनी योग्यता को ग्रामीण क्षेत्र में रहते हुए निखार नहीं पा रही हैं इस प्रदर्शनी के माध्यम से उनकी योग्यता को निखारा जाता है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास भी किया जाता है इस प्रदर्शनी के माध्यम से छात्राओं को उनके द्वारा बनाए गए उपयोगी सामान के आर्डर भी दिए जाते हैं और उसके द्वारा उन्हें जो अर्निंग होती है उससे वे अपने परिवार की मदद भी कर सकती हैं। और अपनी पढ़ाई का खर्चा भी उठा सकती हैं ।यही प्रयास प्रतिवर्ष किया जाता है ।प्रदर्शनी में डॉ अनामिका चौहान सहायक आचार्य विज्ञान विभाग ने भी छात्राओं को प्रोत्साहित किया श्रीमती शबनम और श्रीमती रीना ने भी इस प्रदर्शनी में अपना बहुत ज्यादा सहयोग दिया और छात्राओं को उपयोगी सामान बनाने के लिए प्रेरित किया।प्रदर्शनी में महाविद्यालय के सभी छात्र छात्राएं सभी शिक्षक शिक्षिकाएं और कार्मिक उपस्थित रहे।

About Author

You may have missed

Share