देहरादून
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को संस्कृति विभाग प्रेक्षागृह में शारदा स्वर संगम फिल्म प्रोडक्शन एवं हमरो पहाड़ उत्तराखंड सामाजिक संगठन द्वारा आयोजित ‘‘आवाज सुनो पहाड़ो की‘‘ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से उत्तराखंड के युवा उभरते कलाकारों की आवाज पूरे भारत में पहुंचेगी। आज के समय में हमारे उत्तराखंड के कलाकार अपनी कला के माध्यम से पूरे देश में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती, लोगों की मेहनत और उसके प्रति ईमानदारी उन्हें सफलता की ओर ले जाती है। हम सब में प्रतिभा किसी न किसी रूप में होती है बस हमें उसे पहचान कर निखारने की आवश्यकता होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम एक बहुत बड़ा कदम है। छुपी कलाओं और हुनर को देश विदेश के सामने लाने, हमारी संस्कृति को आज के युवाओं में जीवित रखने के लिए हमने इगास जैसे लोक पर्व का अवकाश घोषित किया जिससे पूरे प्रदेश में हर कोई इसे माना सके। हमारी संस्कृति विज्ञान आधारित है। आज के समय में जो बड़े बड़े वैज्ञानिक खोज और रिसर्च कर रहे है हमारे पूर्वज वो कार्य सदियों से करते आ रहे हैं। इसीलिए हमारी संस्कृति विज्ञान आधारित रही है इससे कोई झुठला नहीं सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव है तथा उन्होंने उत्तराखण्ड को स्वर्ग की संज्ञा दी है। प्रधानमंत्री की अपेक्षाओं के अनुरूप 2025 तक उत्तराखण्ड देश के श्रेष्ठ राज्यों में अपनी पहचान बनाये इसके लिये हम सबको मिलजुल कर प्रयास करने होंगे। राज्य के विकास की हम सबकी यह सामूहिक यात्रा है। इसके लिए हम कई योजनाओं में काम कर रहे हैं।
इस अवसर पर घनानंद घन्ना, पद्मश्री माधुरी बड़थ्वाल आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से उत्तराखंड के युवा उभरते कलाकारों की आवाज पूरे भारत में पहुंचेगी। आज के समय में हमारे उत्तराखंड के कलाकार अपनी कला के माध्यम से पूरे देश में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती, लोगों की मेहनत और उसके प्रति ईमानदारी उन्हें सफलता की ओर ले जाती है। हम सब में प्रतिभा किसी न किसी रूप में होती है बस हमें उसे पहचान कर निखारने की आवश्यकता होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम एक बहुत बड़ा कदम है। छुपी कलाओं और हुनर को देश विदेश के सामने लाने, हमारी संस्कृति को आज के युवाओं में जीवित रखने के लिए हमने इगास जैसे लोक पर्व का अवकाश घोषित किया जिससे पूरे प्रदेश में हर कोई इसे माना सके। हमारी संस्कृति विज्ञान आधारित है। आज के समय में जो बड़े बड़े वैज्ञानिक खोज और रिसर्च कर रहे है हमारे पूर्वज वो कार्य सदियों से करते आ रहे हैं। इसीलिए हमारी संस्कृति विज्ञान आधारित रही है इससे कोई झुठला नहीं सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव है तथा उन्होंने उत्तराखण्ड को स्वर्ग की संज्ञा दी है। प्रधानमंत्री की अपेक्षाओं के अनुरूप 2025 तक उत्तराखण्ड देश के श्रेष्ठ राज्यों में अपनी पहचान बनाये इसके लिये हम सबको मिलजुल कर प्रयास करने होंगे। राज्य के विकास की हम सबकी यह सामूहिक यात्रा है। इसके लिए हम कई योजनाओं में काम कर रहे हैं।
इस अवसर पर घनानंद घन्ना, पद्मश्री माधुरी बड़थ्वाल आदि उपस्थित थे।

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