मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम, शौर्य और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है। वर्ष 1999 में भारतीय वीर जवानों ने विषम परिस्थितियों में अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा की और विश्व के समक्ष भारतीय सेना के अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि देश सदैव अपने वीर सैनिकों और शहीदों के बलिदान का ऋणी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को वीरों की भूमि के रूप में जाना जाता है। प्रदेश के अनेक वीर सैनिकों ने कारगिल युद्ध सहित विभिन्न सैन्य अभियानों में अपने अद्वितीय साहस और सर्वाेच्च बलिदान से देश का गौरव बढ़ाया है। राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा उनके सम्मान और हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रयासरत है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें तथा देश की एकता, अखण्डता और सुरक्षा के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, युवा, मातृशक्ति और अनेक गणमान्य मौजूद थे।

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