मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में उत्तराखण्ड के वीर सपूतों ने बड़ी संख्या में अग्रणी भूमिका निभाते हुए देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। देश सदैव अपने वीर सैनिकों और शहीदों के बलिदान का ऋणी रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सैनिकों ने अपने शौर्य और पराक्रम से हमेशा देश का मान बढ़ाया है, जिस पर हमें गर्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। छोटा राज्य होने के बावजूद देश की रक्षा में हमारा योगदान उल्लेखनीय रहा है। सैनिक परम्परा वाले वीरभूमि उत्तराखण्ड में पीढ़ियों से लगभग हर परिवार से वीर व वीरांगनाएं देश की रक्षा में अपना योगदान दे रहे हैं। हमें अपनी सैनिक परम्परा और देशभक्ति की विरासत पर गर्व हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा उनके सम्मान और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने तथा देश की एकता, अखण्डता और सुरक्षा के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया है।

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