
देहरादून
पांच गुना रॉयल्टी बढ़ाये जाने के सरकार के तुगलकी फरमान के विरोध में आज हरिद्वार जनपद और देहरादून के ठेकेदारों ने प्रांतीय खंड कार्यालय में एक महत्त्वपूर्ण मीटिंग की जिसमे सरकार के इस फैसले का पुरजोर विरोध करते हुए ये निर्णय लिया गया कि यदि तीन दिनों के अंदर सरकार ने इस फैसले को वापिस नही लिया तो प्रदेशभर के ठेकेदार कार्य बहिष्कार करते हुए हड़ताल पर चले जाएंगे और समस्त कार्यालयों में तालाबंदी करेंगे। देहरादून
ठेकेदार कल्याण समिति के सचिव राजेन्द्र सिंह कुंवर कहना था कि ठेकेदार प्रदेश के विकास की रीढ़ की हड्डी है और ये सरकार का भी मानना है लेकिन अब नये नये कानून लाकर ठेकेदारों को परेशान तो किया ही जा रहा है वही ये ठेकेदारों का सरासर उत्पीड़न है। इसके अलावा जो खानापूर्ति खनन पट्टाधारक को पूरी करनी पड़ती है अब वो ठेकेदारों को पूरी करनी पड़ेगी अन्यथा उनपर 2 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा जोकि ठेकेदारों के साथ अन्यायपूर्ण है। ठेकेदारों की सरकार से ये भी मांग है कि बड़े टेंडरों को सरकार छोटा करे जिससे कि छोटे ठेकेदार जिनका रोजगार केवल ठेकेदारी है वो अपना और अपने परिवार पालन पोषण कर सके। समिति के अध्यक्ष
गोविंद सिंह पुण्डीर का कहना था कि शासन द्वारा रोज नए नए नियम लाकर वसूली का धंधा बनाया जा रहा है,इस संबंध में ठेकेदार वित्त सचिव,खनन सचिव से लेकर पीडब्ल्यूडी मंत्री सतपाल महाराज के अलावा मुख्यमंत्री तक से मिल चुके है लेकिन उनकी मांग पर कोई तवज्जो नही दी गई जिसके चलते ठेकेदारों में आक्रोश है और आज सभी ठेकेदारों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि यदि पांच गुणा रॉयल्टी बढ़ाये जाने के तुगलकी फरमान को सरकार वापिस नही लेती तो प्रदेशभर के ठेकेदार एकजुट होकर सभी छोटे बड़े विकास कार्यों को ठप्प कर देंगे और यदि तब भी बात नही बनती तो ठेकेदार अनिश्चितकालीन हड़ताल करते हुए धरना देंगे।

More Stories
बहुउद्देशीय शिविर में 19 दिव्यांगों को मिले विकलांग प्रमाण पत्र, शिकायत काउंटर पर 58 शिकायतें और 55 मांग हुए प्राप्त, प्रदेश में बह रही है विकास की गंगा: महाराज
मुख्यमंत्री धामी ने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून में “विकसित भारत 2047 के निर्माण में उच्च शिक्षा का महत्त्व” विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी को किया संबोधित
एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई अवैध निर्माणों पर चला प्रशासनिक बुलडोजर, कई व्यवसायिक भवन सील, मसूरी, ऋषिकेश और देहरादून में संयुक्त अभियान, अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण