देहरादून
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों का उत्तराखण्ड़ बनाना हमारा लक्ष्य है। इस दिशा में हम विकल्प रहित संकल्प के साथ तत्परता से कार्य करे रहे है। राज्य निर्माण में राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष को प्रदेशवासी सदैव याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण आन्दोलन के वे भी साक्षी रहे है, खटीमा के जन आन्दोलन को उन्होने स्वयं देखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को कभी भूल नहीं सकती। हमारी सरकार उनकी सुविधाओं को शीर्ष प्राथमिकता देने के साथ उनके सपने के अनुरूप राज्य के विकास के प्रति प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों को राज्य सरकार ने राज्य आन्दोलनकारियों एवं उनके सभी आश्रित पात्रों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया था, तमाम कठिनाईयों के बावजूद क्षेतिज आरक्षण को अब लागू कर दिया गया है। इससे राज्य आन्दोलनकारियों की एक बड़ी लम्बित मांग की भी पूर्ति हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन बढ़ाने के साथ ही उनकी मृत्यु के पश्चात् उनके आश्रितों को भी पेंशन देने का निर्णय लिया है। हम शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के बलिदान को भूल नही सकते है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश विकास की दिशा में निरन्तर आगे बढ़ता जा रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी विकास के सूचकांक में प्रदेश प्रथम स्थान पर रहा है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश प्रगति के पथ पर निरन्तर अग्रसर है। लगभग 2 लाख करोड की केन्द्रीय योजनाओं पर राज्य में कार्य हो रहे है। सड़क निर्माण हो स्कूल निर्माण हो या हॉस्पिटल या फिर कोई भी प्रदेश हित का कार्य हो, इसके लिए किसी भी प्रकार की धन की कमी नही होने दी जायेगी। उन्होेंने कहा कि हम प्रदेश को नशा मुक्त राज्य बनाने की दिशा में अग्रसर है इसके लिए सिर्फ सरकार ही नही बल्कि सभी को सहयोग करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। गत वर्ष आयोजित इन्वेस्टर सम्मिट में बडी संख्या मंे उद्योगपति निवेश के लिए राज्य में आ रहे है। इससे हमारे युवाओं को राज्य में ही रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे तथा पलायन पर भी रोक लगेगी। उन्होने कहा प्रदेश में अवैध अतिक्रमण की समस्या का निदान करते हुए लगभग 5000 एकड़ जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई है। मुख्यमंत्री ने सभी से राज्य के विकास में सहयोगी बनने की भी अपेक्षा की।
मुलाकात के दौरान उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी कल्याण परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष रवींद्र जुगरान, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती सहित बडी संख्या में मंच के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

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