देहरादून
सहायक अभियंता सिविल वृत्त डीडीएमए मनीष डोगरा ने इस मुहिम की जानकारी बताते हुए कहा कि श्री केदारनाथ धाम यात्रा पर देश- दुनिया से पहुँच रहे श्रद्धालुओं का यात्रा अनुभव सुखद एवं सुगम हो इसके लिए सभी लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में श्री केदारनाथ पहुंचने पर किसी श्रद्धालुओं के साथ कोई आपातकाल दुर्घटना, बीमार होने, असहाय लोगों या अन्य किसी आपातकाल स्थिति होने पर त्वरित कार्रवाई के लिए पर्यटन विभाग की ओर से दो एसयूवी थार गाड़ियों की स्वीकृति मिली थी। दोनों गाड़ियां केदारनाथ धाम में पहुंच गई हैं। हर दिन दो से तीन स्वास्थ एवं अन्य आपातकाल स्थिति में इन गाड़ियों का प्रयोग किया जा रहा है। गाड़ियां पहुंचने के बाद से ऐसे रेस्क्यू अभियान सहूलियत एवं तेजी के साथ हो रहे हैं। जबकि पहले सुरक्षाबलों को किसी का स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी।
केस 01
तमिलनाडु से केदारनाथ धाम दर्शनों को वरिष्ठ नागरिक मयन्ना घोड़ा पड़ाव पर चोटिल हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही डीडीएमए की टीम ने थार गाड़ी को मौके पर भिजवा कर। उक्त महिला को विवेकानंद अस्पताल पहुंचाया एवं उपचार दिलवाया। जांच करने पर पता लगा उनका पैर फ्रेक्चर हो गया है इलाज दिलाने के बाद उन्हें गाड़ी से ही हेलीपैड पहुंचाया गया जिसके बाद हेली से रेस्क्यू कर फटा भेजा गया।इस त्वरित कार्रवाई एवं व्यवस्थाओं पर उन्होंने इन प्रयासों की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया।
केस 02
शुक्रवार को सरस्वती नदी घाट से केदारनाथ मंदिर की ओर जा रहे हरियाणा निवासी वरिष्ठ नागरिक लखन सिंह को साँस लेने में अचानक तकलीफ होने लगी। इसकी सूचना मिलते ही थार वाहन से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया एवं उपचार दिया गया। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए त्वरित कार्रवाई एवं उपचार के लिए धन्यवाद दिया

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