देहरादून
मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि आपदा प्रबन्धन विभाग द्वारा वनाग्नि नियंत्रण हेतु प्रत्येक जिलाधिकारी को 5 करोड़ का बजट आवंटित कर दिया गया है। जिलाधिकारियों की पूरी टीम जिसमें जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी, डीएफओं, पुलिस अधिकारियों व फायर वॉचर्स मौके पर वनाग्नि बुझाने के कार्य पर निरन्तर लगे हुए हैं। इसमें अतिरिक्त सहायता युवा मंगल दल, महिला मंगल दल, स्वयं सहायता समूहों, वॉलियटर्स, पीएससी जवान, होम गार्डस व पीआरडी जवानों को भी इस कार्य में लगाया जाएगा। आपदा प्रबन्धन विभाग द्वारा जल्द ही छोटे आकार में वॉटर टैंकर क्रय किए जाएगे, जिनकी सहायता से आसानी से उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में पोर्टेबल पम्पों की सहायता से आग बुझाई जा सकेगी। आग बुझाने वाले सिलेण्डरों की व्यवस्था भी तत्काल की जा रही है।
डीजीपी अभिनव कुमार ने बताया कि जिन स्थानों पर आग लगाने की घटनाएं सामने आई हैं, वहाँ पर वन विभाग के अधिकारी, एसडीएम एवं स्थानीय पुलिस बल की सयुंक्त टीम द्वारा दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने हेतु एक एसओपी बनाई गई है। इसके तहत पहले फॉरेस्ट एक्ट, वाइल्ड लाइफ एक्ट अर्न्तगत कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही हाल ही में उत्तराखण्ड में पारित पब्लिक प्राइवेट प्रोपर्टी डेमेज रिकवरी एक्ट के तहत भी कार्यवाही की जाएगी। जो लोग बार-बार इस प्रकार की घटनाओं में लिप्त पाए जाते हैं उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही की जाएगी तथा दोषियों की सम्पति भी जब्त करने की कार्यवाही की जाएगी। अभी तक वनाग्नि की घटनाओं में 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। जिनमें से चार लोगों को गिरफतार कर लिया गया है। अभी तक वनाग्नि के कारण किसी भी मानव या वन्य जीवन की हानि की जानकारी नही है।
अपर प्रमुख वन संरक्षक निशान्त वर्मा ने बताया कि वन विभाग के मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी नामित कर दिया गया है तथा सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा फील्ड हेतु प्रस्थान किया जा चुका है। वन विभाग में कार्यरत लगभग 4000 फायर वाचर्स की इन्शोरेन्स की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। पौड़ी और अल्मोड़ा जिलों में एनडीआरएफ भी लगाई जाएगी। हैलीकॉप्टर से वनाग्नि प्रभावित इलाकों में पानी का छिड़काव किया जा रहा है। जिलाधिकारियों द्वारा खेतों में चारे आदि को जलाने तथा शहरी क्षेत्रों पर ठोस कचरे को जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबन्ध का आदेश पारित कर दिया गया है। जिन गांवों के आसपास कोई वनाग्नि की घटनाएं नही हुई उन्हें पुरूस्कृत किया जाएगा। आईआईटी रूड़की के साथ क्लाउड सीडिंग के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है।
बैठक में डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव डा0 रंजीत कुमार सिन्हा, अपर प्रमुख वन संरक्षक निशान्त वर्मा, सचिव दिलीप जावलकर सहित विभिन्न सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
The post वनाग्नि नियंत्रण में लापरवाही बरतने पर रेंज अधिकारी, जोरासी (अल्मोड़ा वन प्रभाग, अल्मोड़ा) को प्रभागीय कार्यालय स्तर पर किया गया सम्बद्ध, अभी तक वनाग्नि की घटनाओं में 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज,चार लोग गिरफतार first appeared on Doonhulchul.

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